Books
Natrang- Bharatiy Rangmanch Ka Trimasik-Ank-115-116(bansi Koul Par Ekagr) - Details
Natrang- Bharatiy Rangmanch Ka Trimasik-Ank-115-116(bansi Koul Par Ekagr)
BookAsok Vajpei - Rasmi Vajpei • 2022
Description
कला, साहित्य और संस्कृति की दुनिया के लिए पिछला एक-सवा साल कठोर स्मृतियों भरा रहा है। इस बीच अनेक नामवर असमय ही हमसे विदा हो गये। ऐसा ही एक नाम हिन्दी रंगमंच के जीवन्त हस्ताक्षर बंसी कौल का है। हिन्दी रंगमंच में अपना सार्थक योगदान देने के बीच ही कौल ज़िन्दगी के रंगमंच पर हार गये। कोविड-19 महामारी से उपजी विषम परिस्थितियों के बीच उनके दुखी कलाकार मन ने कलाओं को लेकर समाज और सरकार से अनेक गम्भीर सवाल भी पूछे थे। लोकतंत्र में रंगमंच की जगह कहीं और कैसे बन सकती है, इसकी चिन्ता वे जीवन के आखिरी समय तक करते रहे।
बंसी कौल का जन्म 23 अगस्त 1949 को श्रीनगर में हुआ था। वे मूलतः निर्देशक एवं अभिकल्पक तो थे ही, लेखक और चित्रकार के रूप में भी उनकी पहचान बनी। विराट रंगानुभवों को अपने में समेटे कौल आधुनिक रंगकर्म में प्रयोग के पर्याय बनकर उभरे। साइन बोर्ड और नम्बर प्लेट ब…
Keywords
Related Books