Books
Swamibhakti yane Baji Prabhu Deshpande - Details
Swamibhakti yane Baji Prabhu Deshpande
BookBapulal B Nayak • 1932
Description
“स्वामी भक्ति (बाजी प्रभु देशपांडे)” नाटक में छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति मराठा वीरों की निष्ठा, साहस और देशभक्ति का चित्रण किया गया है। बीजापुर के सुल्तान आदिलशाह शिवाजी को हराने के लिए सिद्दी जौहर को सेना के साथ भेजता है। इसी दौरान जासूस हीरोजी को पकड़ लिया जाता है, पर वह साहसपूर्वक किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं देता। देशद्रोही कालोजी षड्यंत्र करके हीरोजी के खिलाफ बाजी देशपांडे को भड़काता है, जिससे हीरोजी का अपमान होता है और उसे दंड दिया जाता है।
हीरोजी की पत्नी गजरा अपने पति के प्राण बचाने के लिए बाजी देशपांडे से विनती करती है, जिससे उसे जीवनदान मिल जाता है। आगे शत्रु सेना पन्हालगढ़ पर आक्रमण की तैयारी करती है। गजरा साहस दिखाकर किले तक पहुँचकर शत्रु की योजना की सूचना देती है। इस प्रकार नाटक में स्वामीभक्ति, वीरता, देशभक्ति और निष्ठा के आदर्शों को दर्शाया गया है।