Books
72 Ghante - Details
72 Ghante
BookHasmukh Baradi • 2012
Description
“72 घंटे” एक संवेदनशील नाटक है, जिसमें नलिनी नाम की एक शारीरिक रूप से दिव्यांग लड़की के जीवन, उसकी भावनाओं, संघर्षों और आत्मसम्मान को दर्शाया गया है। नलिनी सेरेब्रल पाल्सी नामक बीमारी से पीड़ित है, जिसके कारण वह सामान्य रूप से चल-फिर या बोल नहीं पाती, लेकिन उसका मन और बुद्धि पूरी तरह स्वस्थ हैं।
नाटक की शुरुआत कॉलेज के दृश्य से होती है, जहाँ नलिनी अपने मित्र प्रतीक की सहायता से कक्षा में आती है। शिक्षक उसकी बोलने की कठिनाई को समझ नहीं पाते, लेकिन नलिनी अपनी बुद्धिमत्ता से सही उत्तर देकर सभी को प्रभावित करती है। बाद में उसकी शरारत के कारण उसे कक्षा से बाहर निकाल दिया जाता है।
इसके बाद नाटक में नलिनी के घर का वातावरण दिखाया गया है। उसके माता-पिता और सहायिका उसे आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करते हैं। वे चाहते हैं कि वह अपने छोटे-छोटे काम स्वयं करना सीखे ताकि वह सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।
नलिनी एक सामान्य युवती की तरह सुंदर दिखना चाहती है। वह लिपस्टिक लगाती है, सजने-संवरने के सपने देखती है और अपने भीतर स्त्री-सुलभ भावनाएँ अनुभव करती है। उसकी माँ उसे प्यार से सजाती है और उसके सपनों को समझने की कोशिश करती है।
नाटक में नलिनी की स्वतंत्रता की इच्छा भी दिखाई गई है। वह स्वयं पानी पीने और व्हीलचेयर चलाने का प्रयास करती है। इस दौरान उसे चोट भी लगती है, लेकिन उसकी माँ और सहायिका उसे आत्मविश्वास के साथ सीखने के लिए प्रेरित करती हैं।
बारिश वाले दृश्य में परिवार का स्नेह और अपनापन सामने आता है। पिता नलिनी की छोटी-छोटी खुशियों को महत्व देते हैं और उसे सामान्य जीवन का आनंद लेने देना चाहते हैं।
अंतिम दृश्यों में नलिनी और प्रतीक के बीच प्रेम और भावनात्मक संघर्ष दिखाया गया है। नलिनी चाहती है कि कोई उसे उसके वास्तविक रूप में स्वीकार करे, लेकिन उसकी दिव्यांगता उनके रिश्ते के बीच एक कठिन सच्चाई बनकर सामने आती है।
Keywords
Related Books